reality-of-successकछुआ🐢 और खरगोश 🐇
एक बार फिर एक नये खरगोश ने अपने दोस्त की हार का बदला लेने के लिए कछुए को दौड़ करने के लिए चुनौती दी ! कछुए ने चुनौती स्वीकार कर ली !
निश्चित समय पर दोनों ने दौड़ लगाना शुरु कर दिया ! पिछली बार की तरह इस बार भी खरगोश आगे निकल गया परतुं कछुआ कम चाल की वजह से पीछे रह गया !
इस खरगोश ने अपने दोस्त की गलती से सीख ली थी और वह किसी भी जगह पर रूका और सोया नही ! तथा कछुए से पहले लक्ष्य पर पहुंच गया !
जब काफी समय बाद कछुआ पहुचा तो खरगोश को पहले वहां देखकर समझ गया कि वह हार गया है !
दोस्त यह कहानी हमे सीख देती है कि हमें अपवादों से बचना चाहिए क्योंकि हर प्रतियोगी आलसी नही होता !
दूसरी सीख यह मिलती है कि हमे हमारे आस पास की घटनाओं से सीख लेनी चाहिए क्योंकि खरगोश ने अपने दोस्त से सीख ली कि आलसी कभी अपने लक्ष्य पर नहीं पहुंच सकता !
हां यह जरूर था कि कछुए ने फिर हिम्मत दिखाई कि हमें अपने किसी प्रतियोगी की चुनौती से डरना नही चाहिए ! भले ही हम हार जाएं ! परंतु हमें हार से तो सीख लेनी ही चाहिए बल्कि जीत से भी सीखना चाहिए कि शत्रु की गलती से जीता या फिर अपनी मेहनत से ! इसे अपने जीवन में उतारकर देखना चाहिए !
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